Sunday, November 29, 2009

Neend

इतनी दुआ हमारे लिये भी मांग लेना ,
की नींद आये दो घडी ,
की अभी तो तन्हाई की शुरुवात है ,
और जीने को सारी उम्र है पड़ी ,
शायद खुदा ने तुझे नीद में बनाया होगा जरूर ,
तभी तो तुझसा एक ही है,
देख ज़रा वो खुदा भी तब से सोया नहीं है ...

1 comment:

DEEPANSHU GUPTA said...

1st four lines are beauuuuuuuutiful... I love it... yaar book likho ek...sponsor mein dhoondhunga