हर लम्हा ऐसे गुजरता जाता है ,
होश पास तो है ,
मगर मैं कहीं खो गया जैसे ,
कभी गम भी भूल जाता हूँ ,
और कभी ख़ुशी में भी आंसू बहते हैं ,
बस हर पल को जीए जाते हैं ,
और हर फ़िक्र को हसी में उड़ाते जाते हैं ...
कहीं सुना था मैंने नहीं मिलती रोज ,
दुआ जिंदगी की .…
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