Sunday, November 29, 2009

Neend

इतनी दुआ हमारे लिये भी मांग लेना ,
की नींद आये दो घडी ,
की अभी तो तन्हाई की शुरुवात है ,
और जीने को सारी उम्र है पड़ी ,
शायद खुदा ने तुझे नीद में बनाया होगा जरूर ,
तभी तो तुझसा एक ही है,
देख ज़रा वो खुदा भी तब से सोया नहीं है ...

swaal aur jabab

लिए बैठा हजारो सवाल ,
जवाब जिनके लिख गए तुम किसी पत्थर पर ,
उनपे ही ढूँढ़ते हैं ,
टकराते हुए कभी इधर कभी उधर,
की कहीं तो तुमने लिखा होगा अपने हाथो से ,

नाम मेरा भुलाने के लिए ....

sapne aur sach

हर तरफ इशारे हैं ,
बस वो चुप से कुछ कह जाते हैं ,
आज ही देखा मैंने रंग बदला हुआ अपने सपनो का,
समझ तो गया था पर दिल ने नहीं माना ,

की तुमने हसना सीख लिया है हमारे बिना ...

Saturday, November 21, 2009

dard aur paimana

देख  तेरी  हसरत  ने  हमे  कहीं  का  न  छोड़ा ,
तुझे  माँगा  हर  दुआ  में  पर  तूने  हमसे  कभी  नाता  न  जोड़ा
जो  ये  दर्द  तूने  दिए  हैं
एक  पैमाना  भी  साथ  दे दे

देखना  है  माप  कर  मेरा  प्यार  कम  तो  नहीं  हुआ  इस  दर्द  से ..

dard ka rang


मैं  तो  बैठा  था  किनारे  पे  यूँही  गुमसुम ,
तुम  ने  ही  कहा  की  डूबा  दो  खुद  को  दूर  जहाँ  की  हर  जुस्तजू  से ...

डूबा  दो  मुझे  आज  कहीं  भी  यार …रंग  मेरे  दर्द  का  ही  नज़र  आएगा …

chupke chupke

कौन  हूँ  मैं , न  जानू,
सूखी  रेत  या  कोई  ढेर  मिटटी  का ,
या  आशिक  इन  लहरों  का ,
घुलना  चाहा मगर  घुल  न  सका ,
बस  भीग  कर  रह  गया ,
बहना  चाहा  पर  बह  न  सका ,
फिर  किनारे  पर  ही  आ  लगा ,
फिर  बैठा  हूँ  रंग  बदलके  आज ,
क्या  पता  कोई  लहर  मुझको  डुबो  दे ,
ये  पत्थर  है  न ,
कितना  खुशनसीब  है ,
ताकता  है  समुन्दर  को  और  खेलता  है  लरजती  हवाओं  से ,
सुना  मैंने  भी  आज  पानी  को  करते  हुए  शिकायत ,
की  छेड़ता  है  लहरों  को  हर  रात  ये  भी  चुपके  चुपके ...

keh doon kya aaj use ..


कह  दूं  क्या  आज  उसे ,
इसी  उल्झान  में  दिन  निकल  जाते  हैं ,
फिर  ढलती  शाम  में  हर  तरफ  अक्स  उसके  नज़र  आते  हैं ,
रात  गुजरती  है  जैसे  तैसे ,
और  फिर  नए  दिन में  तलाशते  हैं  नए  सवाल ,
कैसे  तुम  मुस्कुराती  आँखों  से  बिना  पूछे  हर  सवाल  का  जवाब  दे  जाते  हो ,
कल  सुबह  से  अलग  से  हैं  मिजाज ,
एक  फूल  तुझसे  टकरा  कर  गिरा  था  जो ,
वो  मुझे  मिल  जो  गया  है   ...

ek aansu

यूँ  जब  मुस्कुराती  है  हवा ,
तो  गुदगुदी  सी  कानो  में  महसूस  होती  है ,
जैसे  कभी  में  तेरी  गोद  में  रख  सर  अपना  सोया ,
और  अपने  बाल  की  एक  लट  से  तूने  फिर  शरारत  की  हो ,
में  तो  यूँही  बस  गा  रहा  था ,
की  ये  बारिश  भी  साथ  देने  आ  गयी ,
अच्छा  ही  हुआ ...,
कहीं  वो  एक  आंसू  दिख  गया  होता  तो ...,
कोशिश  भी  की  बहुत  मगर  मिला  नहीं ,
वो  तेरी  तरह  पराया  जो  गया  था ...

Dua Jindagi ki


नम से इस मौसम में ,
हर लम्हा ऐसे गुजरता जाता है ,
होश  पास  तो  है ,
मगर  मैं  कहीं  खो  गया  जैसे ,
कभी  गम  भी  भूल  जाता  हूँ ,
और  कभी  ख़ुशी  में  भी  आंसू  बहते  हैं ,
बस  हर  पल  को  जीए  जाते  हैं ,
और  हर  फ़िक्र  को  हसी  में  उड़ाते  जाते  हैं ...
कहीं  सुना  था  मैंने  नहीं  मिलती  रोज ,
दुआ  जिंदगी  की .… 

Sunday, November 15, 2009

Love 'n' Dream

Beautiful days and beautiful times..
those were and I call upon..
them one more time...
when days seemed longer...
and nights even more...
love was in the air...
whole through that fancy year...
You were there and I was there...
till we slept we sang to each other...
and in the dreams we touched the moon...
I never thought It would be over this soon...
Still at times I float on memories..
and then I go back to my dream..
to find you there...standing like a queen..
I stood there for a half century...
and then I guess I never woke up one day...
because I found u for forever..
in that dream of mine..

Dreams

I have some dreams to chase and some plans to execute...
even the airs seems right...and lights seems to grew...
everywhere and you know what,I know my path ...
but had this life been simple...
I might have lost interest in living through...
but this new ray of light is beaming over...
before I could understand all the pain is over...
flying high I am going there...
where my dreams sleep ...
waiting for me with pleasure...

Saturday, November 14, 2009

tasveer

तकता रहा सूनी दीवार को तनहा सा मैं  कल सारी  दोपहर,
सोचा की रंग दूं इस पर तेरा मुस्कुराता चेहरा,
फिर पूरी शाम सजाता रहा तेरे गले को छिड़कर बूंदे पानी की,
सुबह तक एक तस्वीर बन भी गयी थी..

आज फिर नापूंगा तेरी हंसी की गहरायी को...

It's true ...

The pain is less,
breathing is now easy too...
but I can't resist this feeling... and it's true..!!

lets make plans for chasing something new..
thru the lanes and homes of lonely shadows ...
and they are hiding some truth...
and it's true ....