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रंग
ताक रहा हूँ ढलते हुए सूरज को कुछ देर से
फिर न जाने वो नाम याद आता है
साफ़ नहीं है कुछ पर पहचान आता है
जैसे सूखे पेड़ पर आखिरी पत्ते का हरा रंग हो ...
फिर न जाने वो नाम याद आता है
साफ़ नहीं है कुछ पर पहचान आता है
जैसे सूखे पेड़ पर आखिरी पत्ते का हरा रंग हो ...
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आदत खुशी की
आवाज तेरे दिल की सुन रहा हूँ ,
हाँ वक्त लगा है जवाब देने में ,
न बेखबर हूँ न बेहोश हूँ ,
बस आदत नहीं ख़ुशी की इसीलिए कुछ देर खामोश हूँ ...
हाँ वक्त लगा है जवाब देने में ,
न बेखबर हूँ न बेहोश हूँ ,
बस आदत नहीं ख़ुशी की इसीलिए कुछ देर खामोश हूँ ...
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