Wednesday, April 28, 2010

जिंदगी का जशन

This one was written on one summer night of year 2008 , last year of my college days . This one makes me feel nostalgic ... and happy as I re visit those golden days...so this one is for life and all my friends ...
जिंदगी का जशन 

हर जंग जीत ले तू हार को हारा दे 
जिंदगी का बुलावा है आया
आज तू जशन माना ले ...

उसके लिये इसके लिये कभी खुद के लिये जीये हमेशा टुकड़ो में 
आज उठा कर सब टुकड़ो को साथ मिला ले
आया है एक और मौका जी भर के जी ले 
अपने सपने को सजाले 
आज दे जिंदगी को वादा 
होश को भुला दे
रात को भी दिन सा बना दे 
घोल दे मिठास बातो में 
सबको तू गले लगा ले 
आ आज तू जशन माना ले...

ले आएंगे हर साज 
बस झूम के तू नाच 
बरखा भी लायी है नये गीत 
भिगो ले खुद को
बह जाने दे सब परेशानिया
इन्ही ठंडी हवाओं में आवाज़ से गूंज उठे तेरी
ये जमीन आसमा
तेरा ना है कोई मुकाबला सारी दुनिया को दिखा दे 
अपनी मस्ती में सब को डूबा दे 
बीते दिनों का मज़ा आज फिर उठा ले 
तोड़ के सारे बंधन तू खुद को उड़ा ले 
दिल खोल के यारो से मिल आज तू 
पुरानी महफिलों को आज फिर से सजा दे 
आ आज तू जशन माना ले...


सोये न कोई आज की रात 
हर पल इस पल का तू हसी से नहला दे 
सारे चेहरों को छिपा के तू 
बस असली वाले को सबको दिखा दे 
ये चार दिनों का मेला है इसकी तू रंगत बढा दे
बाना दे नये आशियाने खड़े कर नये आयाम
पीकर खुशी के जाम
नये तू दोस्त बना ले 
आ आज तू जशन माना ले...

जब खत्म हो जाये जाम
तो तू मुस्कुरा के दोस्तों की शामो को जगमगा दे 
उनके संग फिर ख़ुशी कर 
फिर नये बहाने बना ले 
आ आज तू जशन माना ले...

आये जब जिंदगी की शाम 
तू न घबराना 
इस अनमोल जिंदगी के नाम पर फिर कोई गीत गुनगुना ले
सब के साथ फिर रोशनी कर और जिंदगी का जशन माना ले...
-written on 17/05/08
***

No comments: